18-19 अगस्त 2025 को हुए डोनाल्ड ट्रम्प और वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बैठक के मुख्य बिंदु हिंदी:
बैठक के मुख्य बिंदु
- मूल विषय: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते पर चर्चा। यूक्रेन के लिए सुरक्षा आश्वासन और रूस के साथ त्रिपक्षीय वार्ता पर भी बातचीत हुई।
- भागीदार:
- डोनाल्ड ट्रम्प (अमेरिका)
- वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (यूक्रेन)
- कई प्रमुख यूरोपीय नेता, जैसे जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, यूरोपियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, और नाटो के महासचिव मार्क रुटटे शामिल थे।
- बैठक का क्रम:
- ज़ेलेंस्की और ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में निजी तौर पर वार्ता की और मीडिया के कुछ सवालों के जवाब दिए।
- बाद में यूरोपीय नेता भी शामिल हुए, जहां युद्ध समाप्ति पर व्यापक चर्चा हुई।
- ट्रम्प ने बैठक के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया, जो लगभग 40 मिनट चला।
- ट्रम्प ने ज़ेलेंस्की-पुतिन की सीधे वार्ता और उसके बाद त्रिपक्षीय वार्ता की योजना की घोषणा की।
मुख्य चर्चा विषय
- सुरक्षा आश्वासन: ज़ेलेंस्की ने कड़ी सुरक्षा गारंटियों, प्रशिक्षण मिशन, और खुफिया साझा करने की मांग की। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की भागीदारी भी हो सकती है, लेकिन यूरोपीय देशों की मदद ज़रूरी होगी।
- आग्रह विराम और वार्ता: ज़ेलेंस्की तुरंत युद्ध विराम चाहते हैं जबकि ट्रम्प ने पुतिन से बातचीत के बाद कहा कि वार्ता जारी रहनी चाहिए जबकि युद्ध चलता रहे।
- प्रतिक्रियाएं:
- यूरोपीय नेता यूक्रेन के समर्थन में मजबूत रुख लिए हुए हैं।
- इटली की मेलोनी ने एकजुटता की बात कही, और ब्रिटेन के स्टारमर ने इसे ऐतिहासिक वार्ता कहा।
- क्रेमलिन ने नाटो की किसी भी सैन्य भागीदारी का विरोध किया है।
- निजी बातें:
- बैठक बहुत ही सौहार्दपूर्ण रही।
- ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की प्रथम महिला का पत्र ट्रम्प को दिया।
- ट्रम्प ने ज़ेलेंस्की के परिधान की भी तारीफ की।
अगले कदम
- पुतिन-ज़ेलेंस्की की मुलाकात: इस अवसर की व्यवस्था ट्रम्प कर रहे हैं, बाद में त्रिपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है।
- तत्काल परिणाम: कोई अंतिम सुरक्षा गारंटी या युद्ध विराम समझौता नहीं हुआ, लेकिन वार्ता जारी रखने का निर्णय लिया गया।
यह बैठक कूटनीति में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन शांति समझौते के पूर्ण विवरण अभी तय होने बाकी हैं। बैठक ने आशा जगाई है पर अभी और बातचीत आवश्यक है।
